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स्मार्ट के बारे में

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इन्सैट श्रृंखला, कल्पना-1, मेघा-ट्रॉपिक्स, ओशनसैट-1 और 2, रिसैट-1, सरल और स्कैटसैट जैसे मौसम विज्ञान एवं समुद्र विज्ञान को समर्पित उपग्रह प्रमोचित किए हैं। मौसम विज्ञान एवं समुद्र विज्ञान संबंधित अध्ययनों के लिए इसरो भविष्य में जीआईसैट और कई अन्य उपग्रह प्रमोचित करने की योजना बना रहा है। इन उपग्रहों द्वारा एकत्रित डेटा का अभिसंग्रह किया जाता है औरअंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक), अहमदाबाद द्वारा अभिकल्पित एवं विकसित डेटा पोर्टल मौसम विज्ञान एवं समुद्र विज्ञान उपग्रह डेटा अभिलेख केंद्र (मोस्डेक)के माध्यम से इसे प्रसारित किया जाता है। 

मोस्डेक में अभिसंग्रहित उपग्रह डेटा और अन्य संबंधित डेटासेट्स का इस्तेमाल करते हुए मौसम विज्ञान एवं समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में देशभर के विद्यार्थियों, अकादमिकों और अनुसंधानकर्ताओं को अनुसंधान में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से इसरो द्वारा स्मार्ट कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। मोस्डेक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रभाग (एमआरटीडी), मोस्डेक अनुसंधान समूह, सैक द्वारा स्मार्ट का प्रबंधन किया जाता है।

स्मार्ट विद्यार्थियों, अकादमिकों और अनुसंधानकर्ताओं को निम्नलिखित सहयोग प्रदान करता है-

मोस्डेक से परिचित कराना

डेटा विश्लेषण और उन्नत दृश्यीकरण

अत्याधुनिक कंप्यूटर सुविधा और अनुसंधान मार्गदर्शन

मोस्डेक में उपलब्ध डेटा का निःशुल्क अभिगम 

इन उद्देश्यों की पूर्ति के भाग रूप में दो संपर्क कार्यक्रम, यथा – (i)अनुसंधान कार्यक्रम और (ii)प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। 

उपलब्ध सुविधाएँ

स्मार्ट कार्यक्रम के भाग रूप में अत्याधुनिक वर्कस्टेशनों, डिस्प्ले प्रणालियों, मोस्डेक डेटा, संग्रहण सुविधा आदि से युक्त एक समर्पित अनुसंधान एवं प्रशिक्षण लैब सैक में स्थापित की गई है।

अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विद्यार्थी, अकादमिक और अनुसंधानकर्ता सैक में रहने के दौरान सैक कैंटीन सुविधा का लाभ ले सकते हैं।